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Q: प्रयाग प्रशस्ति (जिसे इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख के रूप में भी जाना जाता है) हमें ______________ की उपलब्धियों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
  • A. श्रीगुप्त
  • B. अशोक
  • C. चंद्रगुप्त-प्रथम
  • D. समुद्रगुप्त
Correct Answer: Option D - प्रयाग प्रशस्ति से हमें गुप्त शासक समुद्रगुप्त के बारे में जानकारी मिलती है। यह समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित है, इसमें उन राज्यों का वर्णन है, जिन पर समुद्रगुप्त ने विजय प्राप्त की थी। इसे इलाहाबाद स्तम्भ लेख के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रशस्ति को मूल रूप से कौशाम्बी में अशोक के स्तम्भ पर उकेरा गया था। अकबर के समय जहाँगीर इसे इलाहाबाद में स्थापित करवाया था। इस प्रशस्ति की भाषा संस्कृत तथा शैली चम्पू है। इसमें कुल 33 पंक्तियाँ हैं।
D. प्रयाग प्रशस्ति से हमें गुप्त शासक समुद्रगुप्त के बारे में जानकारी मिलती है। यह समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित है, इसमें उन राज्यों का वर्णन है, जिन पर समुद्रगुप्त ने विजय प्राप्त की थी। इसे इलाहाबाद स्तम्भ लेख के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रशस्ति को मूल रूप से कौशाम्बी में अशोक के स्तम्भ पर उकेरा गया था। अकबर के समय जहाँगीर इसे इलाहाबाद में स्थापित करवाया था। इस प्रशस्ति की भाषा संस्कृत तथा शैली चम्पू है। इसमें कुल 33 पंक्तियाँ हैं।

Explanations:

प्रयाग प्रशस्ति से हमें गुप्त शासक समुद्रगुप्त के बारे में जानकारी मिलती है। यह समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण द्वारा रचित है, इसमें उन राज्यों का वर्णन है, जिन पर समुद्रगुप्त ने विजय प्राप्त की थी। इसे इलाहाबाद स्तम्भ लेख के रूप में भी जाना जाता है। इस प्रशस्ति को मूल रूप से कौशाम्बी में अशोक के स्तम्भ पर उकेरा गया था। अकबर के समय जहाँगीर इसे इलाहाबाद में स्थापित करवाया था। इस प्रशस्ति की भाषा संस्कृत तथा शैली चम्पू है। इसमें कुल 33 पंक्तियाँ हैं।