Correct Answer:
Option E - ‘‘आशिषि नाथ:’’ इति सूत्रेण षष्ठी विभक्ति: प्रयुज्यते। ‘‘आशिषि नाथ:’’ सूत्र से षष्ठी विभक्ति का विधान होता है। ‘‘आशीर्वाद अर्थ की कामना में नाथ धातु के कर्म कारक में शेषत्व की विवक्षा होने पर षष्ठी विभक्ति होती है।
‘‘सर्पिषो नाथनम्’’
‘‘मधुनो नाथनम्’’
Note:- अत: इसका समुचित विकल्प (a) है परन्तु आयोग ने (e) माना है जो गलत है।
E. ‘‘आशिषि नाथ:’’ इति सूत्रेण षष्ठी विभक्ति: प्रयुज्यते। ‘‘आशिषि नाथ:’’ सूत्र से षष्ठी विभक्ति का विधान होता है। ‘‘आशीर्वाद अर्थ की कामना में नाथ धातु के कर्म कारक में शेषत्व की विवक्षा होने पर षष्ठी विभक्ति होती है।
‘‘सर्पिषो नाथनम्’’
‘‘मधुनो नाथनम्’’
Note:- अत: इसका समुचित विकल्प (a) है परन्तु आयोग ने (e) माना है जो गलत है।