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Q: हिन्दी में कारक कितने प्रकार के है?
  • A. आठ
  • B. छ:
  • C. सात
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध सूचित हो, उसे कारक कहते है। हिन्दी में कारक 8 है और कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्यय (चिह्न) लगाये जाते है, उन्हें विभक्तियाँ कहते है। हिन्दी कारकों की विभाक्तियों के चिह्न इस प्रकार है। कारक – विभक्तियाँ कर्ता – ने कर्म – को करण – से सम्प्रदान – को, के लिए अपादान – से (अलग होना) सम्बन्ध – का, के, की, रा, रे, री अधिकरण – में, पर सम्बोधन – हे, अजी, अरे।
A. संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध सूचित हो, उसे कारक कहते है। हिन्दी में कारक 8 है और कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्यय (चिह्न) लगाये जाते है, उन्हें विभक्तियाँ कहते है। हिन्दी कारकों की विभाक्तियों के चिह्न इस प्रकार है। कारक – विभक्तियाँ कर्ता – ने कर्म – को करण – से सम्प्रदान – को, के लिए अपादान – से (अलग होना) सम्बन्ध – का, के, की, रा, रे, री अधिकरण – में, पर सम्बोधन – हे, अजी, अरे।

Explanations:

संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से वाक्य के अन्य शब्दों के साथ उनका सम्बन्ध सूचित हो, उसे कारक कहते है। हिन्दी में कारक 8 है और कारकों के बोध के लिए संज्ञा या सर्वनाम के आगे जो प्रत्यय (चिह्न) लगाये जाते है, उन्हें विभक्तियाँ कहते है। हिन्दी कारकों की विभाक्तियों के चिह्न इस प्रकार है। कारक – विभक्तियाँ कर्ता – ने कर्म – को करण – से सम्प्रदान – को, के लिए अपादान – से (अलग होना) सम्बन्ध – का, के, की, रा, रे, री अधिकरण – में, पर सम्बोधन – हे, अजी, अरे।