Correct Answer:
Option B - इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि दूसरे के अधिकार क्षेत्र के विषय में परस्पर वार्तालाप (चर्चा – परिचर्चा) नहीं करनी चाहिए। केवल अपने अधिकार क्षेत्र तक सीमित रहना चाहिए। अर्थात् दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
B. इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि दूसरे के अधिकार क्षेत्र के विषय में परस्पर वार्तालाप (चर्चा – परिचर्चा) नहीं करनी चाहिए। केवल अपने अधिकार क्षेत्र तक सीमित रहना चाहिए। अर्थात् दूसरे के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।