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Q: प्राथमिक-विद्यालयस्य कस्यचन विद्यार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं निम्नलिखितपद्धतिषु का वा पद्धति: उपयुक्ता भवति?
  • A. अभिनय: तथा वार्तावाचनम् (News reading)
  • B. अभिनय: तथा संवाद: (Interaction)
  • C. कथा श्रावणं तथा श्रुतलेखनम् (Dictation)
  • D. काव्यपाठ: तथा भाषाप्रयोगशाला (Language laboratory)
Correct Answer: Option B - प्राथमिक -विद्यालयस्य कस्यचन विद्याार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं अभिनय: तथा संवाद: पद्धति: उपयुक्ता भवति। अर्थात्- प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के श्रवण वाचनकौशल के विकास के लिए अभिनय तथा संवाद पद्धति उपयुक्त होती है। अभिनय तथा संवाद से विद्यार्थियों में श्रवण और वाचन कौशल का विकास होता है।
B. प्राथमिक -विद्यालयस्य कस्यचन विद्याार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं अभिनय: तथा संवाद: पद्धति: उपयुक्ता भवति। अर्थात्- प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के श्रवण वाचनकौशल के विकास के लिए अभिनय तथा संवाद पद्धति उपयुक्त होती है। अभिनय तथा संवाद से विद्यार्थियों में श्रवण और वाचन कौशल का विकास होता है।

Explanations:

प्राथमिक -विद्यालयस्य कस्यचन विद्याार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं अभिनय: तथा संवाद: पद्धति: उपयुक्ता भवति। अर्थात्- प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के श्रवण वाचनकौशल के विकास के लिए अभिनय तथा संवाद पद्धति उपयुक्त होती है। अभिनय तथा संवाद से विद्यार्थियों में श्रवण और वाचन कौशल का विकास होता है।