Correct Answer:
Option B - प्राथमिक -विद्यालयस्य कस्यचन विद्याार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं अभिनय: तथा संवाद: पद्धति: उपयुक्ता भवति।
अर्थात्- प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के श्रवण वाचनकौशल के विकास के लिए अभिनय तथा संवाद पद्धति उपयुक्त होती है।
अभिनय तथा संवाद से विद्यार्थियों में श्रवण और वाचन कौशल का विकास होता है।
B. प्राथमिक -विद्यालयस्य कस्यचन विद्याार्थिन: श्रवण- वाचनकौशलयो: विकासनार्थं अभिनय: तथा संवाद: पद्धति: उपयुक्ता भवति।
अर्थात्- प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के श्रवण वाचनकौशल के विकास के लिए अभिनय तथा संवाद पद्धति उपयुक्त होती है।
अभिनय तथा संवाद से विद्यार्थियों में श्रवण और वाचन कौशल का विकास होता है।