Explanations:
NCF-2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर गठित शिक्षण ‘मूर्त से अमूर्त’ की ओर होना चाहिए। ताकि बच्चा अपने दैनिक जीवन की तार्किक क्रियाओं एवं गणितीय चिंतन के बीच संबंधों को समझने लायक बन सके। इसलिए शिक्षक को गणित पढ़ाते वक्त बच्चों के आस–पास के वातावरण से जुड़ी वस्तुओं का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।