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Q: प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण गतिविधि है–
  • A. कहानी को ज्यों का त्यों दोहराना।
  • B. कहानी सुनकर चित्र बनाना।
  • C. कहानी सुनकर शब्दश: लिखना।
  • D. कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना।
Correct Answer: Option D - प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण गतिविधि है– कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना। भाषा कौशल का एक महत्वपूर्ण अंग है वाचन या बोलना। बच्चे अपने अनुभवों, भावों, विचारों आदि को बोलकर अभिव्यक्त करते हैं। अत: आवश्यक है कि उनके इस भाषा कौशल में दक्षता प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर दिये जायें। इसके लिए कहानियों, कविताओं आदि के अर्थों को समझकर अपने अनुभवों के साथ जोड़कर अपने शब्दों में अभिव्यक्त करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। हिन्दी में सुनी गयी बात, कविता, कहानी आदि को अपने तरीके और अपनी भाषा में कहने/सुनाने/ प्रश्न पूछने एवं अपनी बात जोड़ने के अवसर उपलब्ध हों।
D. प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण गतिविधि है– कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना। भाषा कौशल का एक महत्वपूर्ण अंग है वाचन या बोलना। बच्चे अपने अनुभवों, भावों, विचारों आदि को बोलकर अभिव्यक्त करते हैं। अत: आवश्यक है कि उनके इस भाषा कौशल में दक्षता प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर दिये जायें। इसके लिए कहानियों, कविताओं आदि के अर्थों को समझकर अपने अनुभवों के साथ जोड़कर अपने शब्दों में अभिव्यक्त करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। हिन्दी में सुनी गयी बात, कविता, कहानी आदि को अपने तरीके और अपनी भाषा में कहने/सुनाने/ प्रश्न पूछने एवं अपनी बात जोड़ने के अवसर उपलब्ध हों।

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प्राथमिक स्तर पर बच्चों की मौखिक अभिव्यक्ति का विकास करने की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण गतिविधि है– कहानी सुनकर उसे अपनी भाषा में कहना। भाषा कौशल का एक महत्वपूर्ण अंग है वाचन या बोलना। बच्चे अपने अनुभवों, भावों, विचारों आदि को बोलकर अभिव्यक्त करते हैं। अत: आवश्यक है कि उनके इस भाषा कौशल में दक्षता प्राप्त करने के पर्याप्त अवसर दिये जायें। इसके लिए कहानियों, कविताओं आदि के अर्थों को समझकर अपने अनुभवों के साथ जोड़कर अपने शब्दों में अभिव्यक्त करने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। हिन्दी में सुनी गयी बात, कविता, कहानी आदि को अपने तरीके और अपनी भाषा में कहने/सुनाने/ प्रश्न पूछने एवं अपनी बात जोड़ने के अवसर उपलब्ध हों।