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Q: पुरातत्व स्थल कोल्डिहवा कहाँ स्थित है?
  • A. महाराष्ट्र
  • B. बिहार
  • C. उत्तर प्रदेश
  • D. मध्य प्रदेश
Correct Answer: Option C - नव पाषाण काल में सर्वप्रथम खाद्यानों की व्यवस्थित कृषि प्रारम्भ हुई थी तथा मनुष्यों ने जौ, गेहूँ की वन्य किस्मों को इस समय मे उपजाया था। भारतीय उपमहाद्वीप में कोल्डिहवा तथा मेहरगढ़ दो नव पाषाण कालीन बस्तिया थी जहाँ से चावल और गेहूँ के स्पष्ट प्रमाण मिले थे। कोल्डिहवा भारत के उत्तर प्रदेश में एक पुरातात्विक स्थल है। उ. प्र. इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित कोल्डिहवा एक मात्र ऐसा नवपाषाणिक पुरास्थल है जहाँ से 6000 ई. पू. में धान की खेती किये जाने का प्रमाण मिला है। नवीनतम् खोज के नगर जिले के लहुरादेव (8000 B.C.) से प्राप्त हुआ है।
C. नव पाषाण काल में सर्वप्रथम खाद्यानों की व्यवस्थित कृषि प्रारम्भ हुई थी तथा मनुष्यों ने जौ, गेहूँ की वन्य किस्मों को इस समय मे उपजाया था। भारतीय उपमहाद्वीप में कोल्डिहवा तथा मेहरगढ़ दो नव पाषाण कालीन बस्तिया थी जहाँ से चावल और गेहूँ के स्पष्ट प्रमाण मिले थे। कोल्डिहवा भारत के उत्तर प्रदेश में एक पुरातात्विक स्थल है। उ. प्र. इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित कोल्डिहवा एक मात्र ऐसा नवपाषाणिक पुरास्थल है जहाँ से 6000 ई. पू. में धान की खेती किये जाने का प्रमाण मिला है। नवीनतम् खोज के नगर जिले के लहुरादेव (8000 B.C.) से प्राप्त हुआ है।

Explanations:

नव पाषाण काल में सर्वप्रथम खाद्यानों की व्यवस्थित कृषि प्रारम्भ हुई थी तथा मनुष्यों ने जौ, गेहूँ की वन्य किस्मों को इस समय मे उपजाया था। भारतीय उपमहाद्वीप में कोल्डिहवा तथा मेहरगढ़ दो नव पाषाण कालीन बस्तिया थी जहाँ से चावल और गेहूँ के स्पष्ट प्रमाण मिले थे। कोल्डिहवा भारत के उत्तर प्रदेश में एक पुरातात्विक स्थल है। उ. प्र. इलाहाबाद (प्रयागराज) में स्थित कोल्डिहवा एक मात्र ऐसा नवपाषाणिक पुरास्थल है जहाँ से 6000 ई. पू. में धान की खेती किये जाने का प्रमाण मिला है। नवीनतम् खोज के नगर जिले के लहुरादेव (8000 B.C.) से प्राप्त हुआ है।