Correct Answer:
Option D - ‘माटी की मूरतें’ संस्मरण विधा की रचना है। इसके लेखक रामवृक्ष ‘बेनीपुरी’ हैं। इसका प्रकाशन 1946 ई. में हुआ था। इनका एक अन्य संस्मरण ‘जंजीरे और दीवारें’ है।
हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा हैं। इनकी प्रमुख रचना ‘पद्म पराग’ सन् 1929 ई. में प्रकाशित हुई थी।
D. ‘माटी की मूरतें’ संस्मरण विधा की रचना है। इसके लेखक रामवृक्ष ‘बेनीपुरी’ हैं। इसका प्रकाशन 1946 ई. में हुआ था। इनका एक अन्य संस्मरण ‘जंजीरे और दीवारें’ है।
हिन्दी के प्रथम संस्मरणकार पद्मसिंह शर्मा हैं। इनकी प्रमुख रचना ‘पद्म पराग’ सन् 1929 ई. में प्रकाशित हुई थी।