Correct Answer:
Option B - प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों में सृजन की प्रवृत्ति होती है। छात्र जितने अधिक सृजन संबंधी प्रश्न बनाएगे उतनी ही उनकी समझ होगी। अत: प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों को सृजन से जुड़े प्रश्नों पर अधिक समय देने के लिए कहा जा सकता है।
B. प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों में सृजन की प्रवृत्ति होती है। छात्र जितने अधिक सृजन संबंधी प्रश्न बनाएगे उतनी ही उनकी समझ होगी। अत: प्रतिभाशाली शिक्षार्थियों को सृजन से जुड़े प्रश्नों पर अधिक समय देने के लिए कहा जा सकता है।