Correct Answer:
Option B - तारादत्त गैरोला एक भारतीय वकील, लेखक और संपादक थे। उन्हें आधुनिक गढ़वाली कविता के अग्रदूत के रूप में जाना जाता है और भारतीय लोक-कथाओं में उनके योगदान विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में है। शैरोला स्वयं एक गढ़वाली कवि थे और उन्होंने गढ़वाली कविता की अपनी पुस्तक सदेई प्रकाशित की जो गढ़वाली लोक कथाओं पर आधारित थी।
B. तारादत्त गैरोला एक भारतीय वकील, लेखक और संपादक थे। उन्हें आधुनिक गढ़वाली कविता के अग्रदूत के रूप में जाना जाता है और भारतीय लोक-कथाओं में उनके योगदान विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में है। शैरोला स्वयं एक गढ़वाली कवि थे और उन्होंने गढ़वाली कविता की अपनी पुस्तक सदेई प्रकाशित की जो गढ़वाली लोक कथाओं पर आधारित थी।