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Q: प्रमत्त: गज: किम् अकुर्वत्?
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  • A. चटकाया: अण्डानि अभञ्जयत्
  • B. वृक्षं अत्रोटयत्
  • C. काष्ठकूटं खगम् अमारयत्
  • D. शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्
Correct Answer: Option D - प्रमत्त: गज: `शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्' अकुर्वत् पागल (मदमस्त) हाथी वृक्ष को शूड से तोड़ डाला। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनुक्त कर्ता और करण में तृतीया होती है।
D. प्रमत्त: गज: `शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्' अकुर्वत् पागल (मदमस्त) हाथी वृक्ष को शूड से तोड़ डाला। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनुक्त कर्ता और करण में तृतीया होती है।

Explanations:

प्रमत्त: गज: `शाखां शुण्डेन अत्रोटयत्' अकुर्वत् पागल (मदमस्त) हाथी वृक्ष को शूड से तोड़ डाला। कर्तृकरणयोस्तृतीया – अनुक्त कर्ता और करण में तृतीया होती है।