Correct Answer:
Option A - सम-विच्छेद विश्लेषण को लागत मात्रा लाभ विश्लेषण के रूप में भी जाना जाता है। वस्तुत: सम-विच्छेद विश्लेषण विधि सीमान्त लागतीकरण का विस्तार है, जो व्यावसायिक पूर्वानुमान और वास्तविक कार्य निष्पादन के मूल्यांकन हेतु एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है। सम-विच्छेद बिन्दु से अभिप्राय विक्रय के ऐसे स्तर से है, जहाँ पर संस्था को न तो लाभ होता है और न ही हानि होती है। अर्थात इसे लाभालाभ (No Profit-No Loss) का स्तर कहा जाता है। इस बिन्दु पर संस्था के कुल आगम और कुल व्यय बराबर हो जाते है। समविच्छेद विश्लेषण को लागत मात्रा-लाभ विश्लेषण भी कहा जाता है।
A. सम-विच्छेद विश्लेषण को लागत मात्रा लाभ विश्लेषण के रूप में भी जाना जाता है। वस्तुत: सम-विच्छेद विश्लेषण विधि सीमान्त लागतीकरण का विस्तार है, जो व्यावसायिक पूर्वानुमान और वास्तविक कार्य निष्पादन के मूल्यांकन हेतु एक वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है। सम-विच्छेद बिन्दु से अभिप्राय विक्रय के ऐसे स्तर से है, जहाँ पर संस्था को न तो लाभ होता है और न ही हानि होती है। अर्थात इसे लाभालाभ (No Profit-No Loss) का स्तर कहा जाता है। इस बिन्दु पर संस्था के कुल आगम और कुल व्यय बराबर हो जाते है। समविच्छेद विश्लेषण को लागत मात्रा-लाभ विश्लेषण भी कहा जाता है।