Correct Answer:
Option B - ऊन को प्राकृतिक तन्तुओं में सबसे निर्बल रेशा माना जाता है। ऊन मूलत: रेशेदार प्रोटीन है जो विशेष प्रकार की त्वचा कोशिकाओं से निकलता है। ऊन-पालतू भेड़, बकरी तथा याक आदि से प्राप्त किया जाता है। कपास के बाद यही सर्वाधिक महत्व का है। इसके रेशे ऊष्मा के कुचालक होते है।
B. ऊन को प्राकृतिक तन्तुओं में सबसे निर्बल रेशा माना जाता है। ऊन मूलत: रेशेदार प्रोटीन है जो विशेष प्रकार की त्वचा कोशिकाओं से निकलता है। ऊन-पालतू भेड़, बकरी तथा याक आदि से प्राप्त किया जाता है। कपास के बाद यही सर्वाधिक महत्व का है। इसके रेशे ऊष्मा के कुचालक होते है।