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Q: ‘प्रकृति–पोषण’ विवाद में ‘प्रकृति’ से क्या अभिप्राय है?
  • A. जैविकीय विशिष्टताएँ या वंशानुक्रम सूचनाएँ
  • B. एक व्यक्ति की मूल वृत्ति
  • C. भौतिक और सामाजिक संसार की जटिल शक्तियाँ
  • D. हमारे आस–पास का वातावरण
Correct Answer: Option A - प्रकृति–पोषण विवाद में प्रकृति से तात्पर्य है जैविकीय विशिष्टताएँ या वंशानुक्रम सूचनाएँ। प्रकृति–पोषण विवाद में व्यक्तियों के जन्मजात सहजगुणों और पालन–पोषण के समय मिले वातावरण के प्रभाव की सम्पूरकता और विरोधाभासों के सम्बन्ध में विवेचना किया जाता है।
A. प्रकृति–पोषण विवाद में प्रकृति से तात्पर्य है जैविकीय विशिष्टताएँ या वंशानुक्रम सूचनाएँ। प्रकृति–पोषण विवाद में व्यक्तियों के जन्मजात सहजगुणों और पालन–पोषण के समय मिले वातावरण के प्रभाव की सम्पूरकता और विरोधाभासों के सम्बन्ध में विवेचना किया जाता है।

Explanations:

प्रकृति–पोषण विवाद में प्रकृति से तात्पर्य है जैविकीय विशिष्टताएँ या वंशानुक्रम सूचनाएँ। प्रकृति–पोषण विवाद में व्यक्तियों के जन्मजात सहजगुणों और पालन–पोषण के समय मिले वातावरण के प्रभाव की सम्पूरकता और विरोधाभासों के सम्बन्ध में विवेचना किया जाता है।