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Q: जर्मनी के एकीकरण के बाद बिस्मार्क ने ‘रक्त एवं लौह’ की नीति का परित्याग कर कौन-सी नीति अपनायी थी?
  • A. ब्लू पॉलिसी
  • B. शान्ति एवं निर्माण की नीति
  • C. शक्कर एवं बेर की नीति
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - जर्मनी के एकीकरण के बाद बिस्मार्क ने ‘रक्त एवं लौह’ की नीति का परित्याग कर शान्ति एवं निर्माण की नीति अपनायी। जर्मनी में राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया ने प्रशा राज्य की शक्ति के प्रभुत्व को स्थापित किया था। नए राज्य ने जर्मनी की मुद्रा, बैंकिंग और कानूनी तथा न्यायिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर अधिक जोर दिया और प्रशा द्वारा उठाए गए कदम एवं उसकी कार्रवाइयाँ बाकी जर्मनी के लिए एक मॉडल बन गया।
B. जर्मनी के एकीकरण के बाद बिस्मार्क ने ‘रक्त एवं लौह’ की नीति का परित्याग कर शान्ति एवं निर्माण की नीति अपनायी। जर्मनी में राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया ने प्रशा राज्य की शक्ति के प्रभुत्व को स्थापित किया था। नए राज्य ने जर्मनी की मुद्रा, बैंकिंग और कानूनी तथा न्यायिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर अधिक जोर दिया और प्रशा द्वारा उठाए गए कदम एवं उसकी कार्रवाइयाँ बाकी जर्मनी के लिए एक मॉडल बन गया।

Explanations:

जर्मनी के एकीकरण के बाद बिस्मार्क ने ‘रक्त एवं लौह’ की नीति का परित्याग कर शान्ति एवं निर्माण की नीति अपनायी। जर्मनी में राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया ने प्रशा राज्य की शक्ति के प्रभुत्व को स्थापित किया था। नए राज्य ने जर्मनी की मुद्रा, बैंकिंग और कानूनी तथा न्यायिक व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण पर अधिक जोर दिया और प्रशा द्वारा उठाए गए कदम एवं उसकी कार्रवाइयाँ बाकी जर्मनी के लिए एक मॉडल बन गया।