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Q: ‘प्रज्वालय’ इत्यस्मिन् पदे क: लकार:?
  • A. लिट्
  • B. लुट्
  • C. विधिलिङ्
  • D. लोट्
Correct Answer: Option D - ‘प्रज्वालय’ इत्यस्मिन् पदे लोट् लकार:। ‘प्रज्वालय’ इस पद में लोट्लकार है। अर्थात् ‘प्र’ उपसर्ग ज्वल् धातु + णिच् प्रत्यय + लोट्लकार मध्यम पुरुष एकवचन। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग किया जाता है। अनद्यतन भविष्य के लिए लुट्लकार का प्रयोग किया जाता है। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग होता है। चाहिए के अर्थ के लिए विधिलिङ्लकार का प्रयोग होता है।
D. ‘प्रज्वालय’ इत्यस्मिन् पदे लोट् लकार:। ‘प्रज्वालय’ इस पद में लोट्लकार है। अर्थात् ‘प्र’ उपसर्ग ज्वल् धातु + णिच् प्रत्यय + लोट्लकार मध्यम पुरुष एकवचन। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग किया जाता है। अनद्यतन भविष्य के लिए लुट्लकार का प्रयोग किया जाता है। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग होता है। चाहिए के अर्थ के लिए विधिलिङ्लकार का प्रयोग होता है।

Explanations:

‘प्रज्वालय’ इत्यस्मिन् पदे लोट् लकार:। ‘प्रज्वालय’ इस पद में लोट्लकार है। अर्थात् ‘प्र’ उपसर्ग ज्वल् धातु + णिच् प्रत्यय + लोट्लकार मध्यम पुरुष एकवचन। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग किया जाता है। अनद्यतन भविष्य के लिए लुट्लकार का प्रयोग किया जाता है। परोक्षभूत के लिए लिट्लकार का प्रयोग होता है। चाहिए के अर्थ के लिए विधिलिङ्लकार का प्रयोग होता है।