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Q: प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप के कलाकार हैं─
  • A. तैयब मेहता
  • B. हेब्बर
  • C. गुलाम शेख
  • D. गायतोंडे
Correct Answer: Option D - 1944-45 में बम्बई में कलकत्ता ग्रुप की प्रर्दिशनी से प्रेरित होकर बम्बई के 6 युवा कलाकारों ने 1947 में प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप की स्थापना की थी। कलकत्ता में, 1951 में कलकत्ता ग्रुप के साथ संयुक्त प्रदर्शनी करने के बाद यह प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप बिखर गया। फ्रांसीसी न्यूटन सूजा इस ग्रुप के महासचिव थे और उन्होंने ही इस ग्रुप का घोषणा-पत्र तैयार किया था। इस ग्रुप में के. एच. आरा, एम. एफ. हुसैन, एच. ए. गाडे, एस. एच. रजा, एस. के. बाकरे, वी. एस. गायतोंडे, कृषेन कान्हा, मोहन सामंत, मनीषी देय, अकबर पद्मिनी, रामकुमार तथा तैयब मेहता नामक कलाकार शामिल थे।
D. 1944-45 में बम्बई में कलकत्ता ग्रुप की प्रर्दिशनी से प्रेरित होकर बम्बई के 6 युवा कलाकारों ने 1947 में प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप की स्थापना की थी। कलकत्ता में, 1951 में कलकत्ता ग्रुप के साथ संयुक्त प्रदर्शनी करने के बाद यह प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप बिखर गया। फ्रांसीसी न्यूटन सूजा इस ग्रुप के महासचिव थे और उन्होंने ही इस ग्रुप का घोषणा-पत्र तैयार किया था। इस ग्रुप में के. एच. आरा, एम. एफ. हुसैन, एच. ए. गाडे, एस. एच. रजा, एस. के. बाकरे, वी. एस. गायतोंडे, कृषेन कान्हा, मोहन सामंत, मनीषी देय, अकबर पद्मिनी, रामकुमार तथा तैयब मेहता नामक कलाकार शामिल थे।

Explanations:

1944-45 में बम्बई में कलकत्ता ग्रुप की प्रर्दिशनी से प्रेरित होकर बम्बई के 6 युवा कलाकारों ने 1947 में प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप की स्थापना की थी। कलकत्ता में, 1951 में कलकत्ता ग्रुप के साथ संयुक्त प्रदर्शनी करने के बाद यह प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप बिखर गया। फ्रांसीसी न्यूटन सूजा इस ग्रुप के महासचिव थे और उन्होंने ही इस ग्रुप का घोषणा-पत्र तैयार किया था। इस ग्रुप में के. एच. आरा, एम. एफ. हुसैन, एच. ए. गाडे, एस. एच. रजा, एस. के. बाकरे, वी. एस. गायतोंडे, कृषेन कान्हा, मोहन सामंत, मनीषी देय, अकबर पद्मिनी, रामकुमार तथा तैयब मेहता नामक कलाकार शामिल थे।