Correct Answer:
Option A - शेरशाह (शेर खाँ) के बचपन का नाम फरीद था। दक्षिणी बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी की सेवा ग्रहण करने के बाद एक दिन शिकार खेलते समय फरीद ने एक शेर को मार गिराया। उसकी इस प्रतिभा से प्रसन्न होकर बहार खाँ ने उसे ‘शेर खाँ’ की उपाधि प्रदान की तथा अपने पुत्र जलालुद्दीन का संरक्षक एवं शिक्षक नियुक्त किया। ये सूर राजवंश के संस्थापक थे।
A. शेरशाह (शेर खाँ) के बचपन का नाम फरीद था। दक्षिणी बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी की सेवा ग्रहण करने के बाद एक दिन शिकार खेलते समय फरीद ने एक शेर को मार गिराया। उसकी इस प्रतिभा से प्रसन्न होकर बहार खाँ ने उसे ‘शेर खाँ’ की उपाधि प्रदान की तथा अपने पुत्र जलालुद्दीन का संरक्षक एवं शिक्षक नियुक्त किया। ये सूर राजवंश के संस्थापक थे।