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Q: ‘प्र’ उपसर्गपूर्वकस्य ‘हृ’ धातो: घञ् प्रत्ययस्य योगे अर्थ अस्ति-
  • A. भोजनम् ।
  • B. भ्रमणम्।
  • C. नाश:।
  • D. आघात:।
Correct Answer: Option D - ‘प्र’ उपसर्ग पूर्वकस्य ‘हृ’ धातो: घञ् प्रत्ययस्य योगे अर्थ: ‘आघात:’ अस्ति। प्र उपसर्ग हृ धातु से घञ् प्रत्यय के योग से ‘प्रहार’ शब्द बनता है जिसका अर्थ ‘आघात करना’ है, इसलिए विकल्प (d) सही है।
D. ‘प्र’ उपसर्ग पूर्वकस्य ‘हृ’ धातो: घञ् प्रत्ययस्य योगे अर्थ: ‘आघात:’ अस्ति। प्र उपसर्ग हृ धातु से घञ् प्रत्यय के योग से ‘प्रहार’ शब्द बनता है जिसका अर्थ ‘आघात करना’ है, इसलिए विकल्प (d) सही है।

Explanations:

‘प्र’ उपसर्ग पूर्वकस्य ‘हृ’ धातो: घञ् प्रत्ययस्य योगे अर्थ: ‘आघात:’ अस्ति। प्र उपसर्ग हृ धातु से घञ् प्रत्यय के योग से ‘प्रहार’ शब्द बनता है जिसका अर्थ ‘आघात करना’ है, इसलिए विकल्प (d) सही है।