Correct Answer:
Option C - ‘पञ्चत्वं गत:’ इत्यत्र पञ्चत्वम् ‘इत्यस्य पदस्य अर्थ: दिवङ्गत:। ‘पञ्चत्वं गत:’ यहाँ ‘पञ्चत्वम्’ पद का अर्थ दिवङ्गत है।
पञ्चत्व में विलीन होने का तात्पर्य दिवङ्गत हो गये अर्थात् मृत्यु को प्राप्त हो गये। पृथ्वी, जल, पावक, गगन, समीर को पञ्चतत्व की संज्ञा दी गयी है।
C. ‘पञ्चत्वं गत:’ इत्यत्र पञ्चत्वम् ‘इत्यस्य पदस्य अर्थ: दिवङ्गत:। ‘पञ्चत्वं गत:’ यहाँ ‘पञ्चत्वम्’ पद का अर्थ दिवङ्गत है।
पञ्चत्व में विलीन होने का तात्पर्य दिवङ्गत हो गये अर्थात् मृत्यु को प्राप्त हो गये। पृथ्वी, जल, पावक, गगन, समीर को पञ्चतत्व की संज्ञा दी गयी है।