Explanations:
पाणिनी के अनुसार यत्न दो प्रकार का होता है-(i) आभ्यन्तर (ii) बाह्य। आभ्यन्तर पाँच प्रकार का होता है-(i) स्पृष्ट (ii) ईषत्स्पृष्ट (iii) ईषत्विवृत्त (iv) विवृत्त (v) संवृत्त। वाह्य प्रयत्न 11 प्रकार का होता है-(i) संवार (ii) विवार (iii) नाद (iv) श्वास (v) घोष (vi) अघोष (vii) अल्पप्राण (viii) महाप्राण (ix ) उदात्त ( x) अनुदात्त (xi) स्वरित।