Correct Answer:
Option A - पेण्डुलम (Pendulum) लयबद्ध दोलक (हार्मोनिक ऑस्सिलेटर) की तरह काम करता है, अत: दादा जी की घड़ी में इसका प्रयोग किया जाता है जब कोई पिण्ड एक निश्चित समयान्तराल में एक ही निश्चित पथ पर बार-बार अपनी गति को दोहराता है, तो उसकी गति को सरल आवर्त गति कहते है। पेण्डुलम सरल आवर्त गति की तरह व्यवहार करता है।
A. पेण्डुलम (Pendulum) लयबद्ध दोलक (हार्मोनिक ऑस्सिलेटर) की तरह काम करता है, अत: दादा जी की घड़ी में इसका प्रयोग किया जाता है जब कोई पिण्ड एक निश्चित समयान्तराल में एक ही निश्चित पथ पर बार-बार अपनी गति को दोहराता है, तो उसकी गति को सरल आवर्त गति कहते है। पेण्डुलम सरल आवर्त गति की तरह व्यवहार करता है।