Correct Answer:
Option D - पलेठी का सूर्यमंदिर उत्तराखंड के टिहरी जिले के हिंडोलाखाल विकास खंड (देवप्रयाग) मुख्यालय से पाँच किमी दूर वनगढ़ क्षेत्र के पलेठी गाँव में स्थित है। यह मंदिर उत्तराखण्ड के अन्य सभी मंदिरों में सबसे पुराना माना जाता है। राजा कल्याण बर्मन और आदि बर्मन के लेखन अभी भी मंदिर के रॉक बोर्ड पर मौजूद है। जो उत्तर गुप्त (ब्राह्मी) लिपि में लिखे गए हैं। यह लिपि छठी-सातवीं सदी में प्रचलित थीं इसके आधार पर पलेठी सूर्य मंदिर के निर्माण का समय 615 से 700 ई० के बीच माना गया है। यह मंदिर फांसड़ा शैली में बनाया गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर सात घोड़े के रथ पर सवार सूर्यदेव की एक राजसी पत्थर की मूर्ति है।
D. पलेठी का सूर्यमंदिर उत्तराखंड के टिहरी जिले के हिंडोलाखाल विकास खंड (देवप्रयाग) मुख्यालय से पाँच किमी दूर वनगढ़ क्षेत्र के पलेठी गाँव में स्थित है। यह मंदिर उत्तराखण्ड के अन्य सभी मंदिरों में सबसे पुराना माना जाता है। राजा कल्याण बर्मन और आदि बर्मन के लेखन अभी भी मंदिर के रॉक बोर्ड पर मौजूद है। जो उत्तर गुप्त (ब्राह्मी) लिपि में लिखे गए हैं। यह लिपि छठी-सातवीं सदी में प्रचलित थीं इसके आधार पर पलेठी सूर्य मंदिर के निर्माण का समय 615 से 700 ई० के बीच माना गया है। यह मंदिर फांसड़ा शैली में बनाया गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार के ऊपर सात घोड़े के रथ पर सवार सूर्यदेव की एक राजसी पत्थर की मूर्ति है।