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Q: पल्लव वंश की राजधानी यहाँ स्थित थी–
  • A. महाबलीपुरम
  • B. कांचीपुरम
  • C. बादामी
  • D. हम्पी
Correct Answer: Option B - • पल्लव वंश की राजधानी कांची (कांचीवरम्) थी, जो पल्लव शासकों के समय एक प्रसिद्ध बन्दरगाह तथा व्यापारिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र था। • पल्लवों के शासन काल में कूरम, पनमैल, महाबलीपुरम आदि स्थानों पर कला का संवर्धन हुआ। • द्रविड़ शैली के प्रारम्भिक मंदिर मद्रास के निकट महाबलीपुरम् और कांचीपुरम् में पाये गये हैं। • कांचीपुरम में द्रविड़ शैली के मंदिर कैलाश नाथ मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है, बैकुण्ठपेरुमल मंदिर विष्णु को समर्पित है। • वैâलाशनाथ मंदिर में पल्लव स्थापत्य के सभी अंग विद्यमान है।
B. • पल्लव वंश की राजधानी कांची (कांचीवरम्) थी, जो पल्लव शासकों के समय एक प्रसिद्ध बन्दरगाह तथा व्यापारिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र था। • पल्लवों के शासन काल में कूरम, पनमैल, महाबलीपुरम आदि स्थानों पर कला का संवर्धन हुआ। • द्रविड़ शैली के प्रारम्भिक मंदिर मद्रास के निकट महाबलीपुरम् और कांचीपुरम् में पाये गये हैं। • कांचीपुरम में द्रविड़ शैली के मंदिर कैलाश नाथ मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है, बैकुण्ठपेरुमल मंदिर विष्णु को समर्पित है। • वैâलाशनाथ मंदिर में पल्लव स्थापत्य के सभी अंग विद्यमान है।

Explanations:

• पल्लव वंश की राजधानी कांची (कांचीवरम्) थी, जो पल्लव शासकों के समय एक प्रसिद्ध बन्दरगाह तथा व्यापारिक एवं सांस्कृतिक केन्द्र था। • पल्लवों के शासन काल में कूरम, पनमैल, महाबलीपुरम आदि स्थानों पर कला का संवर्धन हुआ। • द्रविड़ शैली के प्रारम्भिक मंदिर मद्रास के निकट महाबलीपुरम् और कांचीपुरम् में पाये गये हैं। • कांचीपुरम में द्रविड़ शैली के मंदिर कैलाश नाथ मंदिर समुद्र के किनारे स्थित है, बैकुण्ठपेरुमल मंदिर विष्णु को समर्पित है। • वैâलाशनाथ मंदिर में पल्लव स्थापत्य के सभी अंग विद्यमान है।