Correct Answer:
Option D - हाइड्रोजन हैलाइड जलीय विलयन में अम्ल का व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। हाइड्रोजन फ्लुओराइड (HF) का जलीय विलयन हाइड्रोफ्लुओरिक अम्ल, हाइड्रोजन क्लोराइड ( HCl) का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr) का जलीय विलयन हाइड्रोब्रोमिक अम्ल और हाइड्रोजन आयोडाइड (HI) का जलीय विलयन हाइड्रोआयोडिक अम्ल कहलाता है। जलीय विलयन में हाइड्रोजन हैलाइड के अणु जल से अभिक्रिया करके हाइड्रोनियम आयन और हैलाइड आयन में आयनित अभिक्रिया करके हाइड्रोनियम आयन और हैलाइड आयन में आयनित हो जाते हैं।
जलीय विलयन में HF एक दुर्बल अम्ल है जबकि HCl, HBr और HI प्रबल अम्ल है। इन अम्लों की प्रबलता HF से HI की ओर बढ़ती है। HI अम्ल एक प्रबल अपचायक है। HI में प्रबल अपचायक गुण होने के कारण यह सबसे अधिक प्रबल अम्ल है।
D. हाइड्रोजन हैलाइड जलीय विलयन में अम्ल का व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। हाइड्रोजन फ्लुओराइड (HF) का जलीय विलयन हाइड्रोफ्लुओरिक अम्ल, हाइड्रोजन क्लोराइड ( HCl) का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr) का जलीय विलयन हाइड्रोब्रोमिक अम्ल और हाइड्रोजन आयोडाइड (HI) का जलीय विलयन हाइड्रोआयोडिक अम्ल कहलाता है। जलीय विलयन में हाइड्रोजन हैलाइड के अणु जल से अभिक्रिया करके हाइड्रोनियम आयन और हैलाइड आयन में आयनित अभिक्रिया करके हाइड्रोनियम आयन और हैलाइड आयन में आयनित हो जाते हैं।
जलीय विलयन में HF एक दुर्बल अम्ल है जबकि HCl, HBr और HI प्रबल अम्ल है। इन अम्लों की प्रबलता HF से HI की ओर बढ़ती है। HI अम्ल एक प्रबल अपचायक है। HI में प्रबल अपचायक गुण होने के कारण यह सबसे अधिक प्रबल अम्ल है।