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Q: On the labels of the bottles, some soft dinks are claimed to be acidity regulators. They regulate acidity using बोतलों के लेबल पर कुछ सॉफ्ट ड्रिंक दावा करते हैं कि वे अम्लीयता नियामक हैं। वे अम्लीयता का नियमन किसका प्रयोग करके करते हैं?
  • A. carbon dioxide/कार्बन डाइऑक्साइड
  • B. bicarbonate salts/बाइकार्बोनेट लवण
  • C. both carbon dioxide and bicarbonate salts कार्बन डाइऑक्साइड तथा बाइकार्बोनेट लवण दोनों
  • D. carbon dioxide and lime कार्बन डाइऑक्साइड तथा चूना
Correct Answer: Option C - सॉफ्ट ड्रिंकों में अम्लीयता नियामक के रूप में बाइकार्बोनेट लवण मुख्यत: पोटैशियम बाइकार्बोनेट प्रयुक्त होता है जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रयोग अम्लीयता बढ़ाने एवं स्वाद बढ़ाने हेतु होता है। • मनुष्य के उदर में भोजन पचाने के लिए अम्ल स्त्रावित होता है। जब यह अम्ल आवश्यकता से अधिक मात्रा में स्त्रावित होने लगता है तो पेट में गैस बनने लगती है तथा सीने में जलन और फैरिंक्स और पेट के नीचे के पथ में पीड़ा और परेशानी होती है। इसे ही अम्लीयता (acidity) कहते हैं।
C. सॉफ्ट ड्रिंकों में अम्लीयता नियामक के रूप में बाइकार्बोनेट लवण मुख्यत: पोटैशियम बाइकार्बोनेट प्रयुक्त होता है जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रयोग अम्लीयता बढ़ाने एवं स्वाद बढ़ाने हेतु होता है। • मनुष्य के उदर में भोजन पचाने के लिए अम्ल स्त्रावित होता है। जब यह अम्ल आवश्यकता से अधिक मात्रा में स्त्रावित होने लगता है तो पेट में गैस बनने लगती है तथा सीने में जलन और फैरिंक्स और पेट के नीचे के पथ में पीड़ा और परेशानी होती है। इसे ही अम्लीयता (acidity) कहते हैं।

Explanations:

सॉफ्ट ड्रिंकों में अम्लीयता नियामक के रूप में बाइकार्बोनेट लवण मुख्यत: पोटैशियम बाइकार्बोनेट प्रयुक्त होता है जबकि कार्बन डाई ऑक्साइड का प्रयोग अम्लीयता बढ़ाने एवं स्वाद बढ़ाने हेतु होता है। • मनुष्य के उदर में भोजन पचाने के लिए अम्ल स्त्रावित होता है। जब यह अम्ल आवश्यकता से अधिक मात्रा में स्त्रावित होने लगता है तो पेट में गैस बनने लगती है तथा सीने में जलन और फैरिंक्स और पेट के नीचे के पथ में पीड़ा और परेशानी होती है। इसे ही अम्लीयता (acidity) कहते हैं।