Correct Answer:
Option A - ओजोन की सबसे अधिक मात्रा समतापमंडल में मौजूद होती है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती हैं। इसलिए इसे पृथ्वी का सुरक्षा कवच कहते हैं। ओजोन परत की मोटाई को नापने के लिए डाब्सन इकाई का प्रयोग किया जाता है। समताप मण्डल में वायुयान उड़ाने की आदर्श दशा पाई जाती है। इसी मण्डल में ही विशेष प्रकार के मेघों का निर्माण होता है, जिसे मूलाभ मेघ कहते है।
A. ओजोन की सबसे अधिक मात्रा समतापमंडल में मौजूद होती है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती हैं। इसलिए इसे पृथ्वी का सुरक्षा कवच कहते हैं। ओजोन परत की मोटाई को नापने के लिए डाब्सन इकाई का प्रयोग किया जाता है। समताप मण्डल में वायुयान उड़ाने की आदर्श दशा पाई जाती है। इसी मण्डल में ही विशेष प्रकार के मेघों का निर्माण होता है, जिसे मूलाभ मेघ कहते है।