Correct Answer:
Option D - ऑक्सी एसीटिलीन गैस वेल्डिंग संलयन वेल्डिंग प्रक्रिया है संलयन बेल्डिंग में वैल्ड होने वाली सतहों की धातु को पिघलाने की अवस्था तक गर्म किया जाता है। आवश्यकतानुसार फिलर मैटल को भी पिघलाकर उसमें मिलाया जाता है। इस प्रकार जोड़े जाने वाली सतहों के मध्य बने वैल्ड पूल की धातु तथा फिलर धातु से प्राप्त धातु को, पिघली अवस्था में, आपस में मिलाया जाता है। इसके ठण्डा होने पर एक मजबूत जोड़ प्राप्त होता है। जिसे फ्यूजन वेल्डिंग कहते है।
D. ऑक्सी एसीटिलीन गैस वेल्डिंग संलयन वेल्डिंग प्रक्रिया है संलयन बेल्डिंग में वैल्ड होने वाली सतहों की धातु को पिघलाने की अवस्था तक गर्म किया जाता है। आवश्यकतानुसार फिलर मैटल को भी पिघलाकर उसमें मिलाया जाता है। इस प्रकार जोड़े जाने वाली सतहों के मध्य बने वैल्ड पूल की धातु तथा फिलर धातु से प्राप्त धातु को, पिघली अवस्था में, आपस में मिलाया जाता है। इसके ठण्डा होने पर एक मजबूत जोड़ प्राप्त होता है। जिसे फ्यूजन वेल्डिंग कहते है।