Correct Answer:
Option A - शारदा अधिनियम 1929–इसे भारत में बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से लाया गया था। यह कानून पंडित हरबिलास शारदा द्वारा प्रस्तावित किया गया था, इसलिए इसे शारदा एक्ट कहा जाता है। यह ब्रिटिश भारत में लागू हुआ और पहला ऐसा कानून था जो बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाता था। प्रारंभ में निर्धारित आयु (1929 में) लड़के के लिए न्यूनतम 18 वर्ष तथा लड़की के लिए न्यूनतम 14 वर्ष था। यह कानून 1 अप्रैल, 1930 से लागू हुआ। 1978 में संशोधन करके शादी की न्यूनतम उम्र लड़की के लिए 18 वर्ष तथा लड़के के लिए 21 वर्ष कर दिया गया।
A. शारदा अधिनियम 1929–इसे भारत में बाल विवाह को रोकने के उद्देश्य से लाया गया था। यह कानून पंडित हरबिलास शारदा द्वारा प्रस्तावित किया गया था, इसलिए इसे शारदा एक्ट कहा जाता है। यह ब्रिटिश भारत में लागू हुआ और पहला ऐसा कानून था जो बाल विवाह पर प्रतिबंध लगाता था। प्रारंभ में निर्धारित आयु (1929 में) लड़के के लिए न्यूनतम 18 वर्ष तथा लड़की के लिए न्यूनतम 14 वर्ष था। यह कानून 1 अप्रैल, 1930 से लागू हुआ। 1978 में संशोधन करके शादी की न्यूनतम उम्र लड़की के लिए 18 वर्ष तथा लड़के के लिए 21 वर्ष कर दिया गया।