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Q: `रूपकों' का बादशाह' किसे कहा जाता है?
  • A. तुलसीदास
  • B. सूरदास
  • C. कबीरदास
  • D. परमानन्द दास
Correct Answer: Option A - रूपकों का बादशाह रामभक्ति शाखा के सिरमौर महाकवि तुलसीदास जी को कहा जाता है। तुलसीदास जी ने कुल 12 रचनाएं की हैं जिसमें से 6 ब्रजभाषा में और 6 अवधी में लिखी गयी है। तुलसीदास द्वारा लिखित महाकाव्य रामचरितमानस अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें सात काण्ड हैं।
A. रूपकों का बादशाह रामभक्ति शाखा के सिरमौर महाकवि तुलसीदास जी को कहा जाता है। तुलसीदास जी ने कुल 12 रचनाएं की हैं जिसमें से 6 ब्रजभाषा में और 6 अवधी में लिखी गयी है। तुलसीदास द्वारा लिखित महाकाव्य रामचरितमानस अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें सात काण्ड हैं।

Explanations:

रूपकों का बादशाह रामभक्ति शाखा के सिरमौर महाकवि तुलसीदास जी को कहा जाता है। तुलसीदास जी ने कुल 12 रचनाएं की हैं जिसमें से 6 ब्रजभाषा में और 6 अवधी में लिखी गयी है। तुलसीदास द्वारा लिखित महाकाव्य रामचरितमानस अवधी भाषा में लिखा गया है। इसमें सात काण्ड हैं।