Correct Answer:
Option A - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1922 ई. में आयोजित गया अधिवेशन की अध्यक्षता चितरंजन दास ने किया था। इस अधिवेशन में सरकार द्वारा बनाई परिषदों का बहिष्कार अथवा परिषदों में प्रतिभाग करने पर विमर्श किया गया। पं. मोतीलाल नेहरू एवं चितरंजन दास ने राष्ट्रीय आंदोलन की प्रगति को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के विधानमंडल में प्रवेश कर राजनैतिक लड़ाई लड़ने का विचार प्रस्तुत किया, इसी कारण इन्हें परिवर्तनवादी कहा गया। इसी मुद्दे पर दिसम्बर, 1922 के गया कांग्रेस अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू व सी.आर. दास ने त्यागपत्र दे दिया और जनवरी, 1923 में कांग्रेस खिलाफत स्वराज पार्टी का गठन किया।
A. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1922 ई. में आयोजित गया अधिवेशन की अध्यक्षता चितरंजन दास ने किया था। इस अधिवेशन में सरकार द्वारा बनाई परिषदों का बहिष्कार अथवा परिषदों में प्रतिभाग करने पर विमर्श किया गया। पं. मोतीलाल नेहरू एवं चितरंजन दास ने राष्ट्रीय आंदोलन की प्रगति को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के विधानमंडल में प्रवेश कर राजनैतिक लड़ाई लड़ने का विचार प्रस्तुत किया, इसी कारण इन्हें परिवर्तनवादी कहा गया। इसी मुद्दे पर दिसम्बर, 1922 के गया कांग्रेस अधिवेशन में मोतीलाल नेहरू व सी.आर. दास ने त्यागपत्र दे दिया और जनवरी, 1923 में कांग्रेस खिलाफत स्वराज पार्टी का गठन किया।