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Q: नाथ संप्रदाय के प्रवर्तक इनमें कौन थे?
  • A. गोरखनाथ
  • B. महानाथ
  • C. चर्पटनाथ
  • D. नेमिनाथ
Correct Answer: Option A - नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक गोरखनाथ थे। नाथ सम्प्रदाय के आराध्य शिव है। यह ‘हठ योग’ की साधना पद्धति पर आधारित है। कुछ विद्वान नाथ सम्प्रदाय का संस्थापक मछन्दर/मत्स्येन्द्र नाथ को मानते हैं। नाथ पंथ बौद्धों की वङ्कायान शाखा से निकला हुआ माना जाता है। नार्थों की संख्या नौ मानी गई है। ‘गोरक्ष सिद्धान्त संग्रह’ में नव प्रवर्तकों के निम्नलिखित नाम गिनाये गये हैं- 1. नागार्जुन, 2. जड़भरत, 3. हरिश्चन्द्र, 4. सत्यनाथ, 5. भीमनाथ, 6. गोरक्षनाथ, 7. चर्पट, 8. जलन्धर, 9. मलयार्जुन।
A. नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक गोरखनाथ थे। नाथ सम्प्रदाय के आराध्य शिव है। यह ‘हठ योग’ की साधना पद्धति पर आधारित है। कुछ विद्वान नाथ सम्प्रदाय का संस्थापक मछन्दर/मत्स्येन्द्र नाथ को मानते हैं। नाथ पंथ बौद्धों की वङ्कायान शाखा से निकला हुआ माना जाता है। नार्थों की संख्या नौ मानी गई है। ‘गोरक्ष सिद्धान्त संग्रह’ में नव प्रवर्तकों के निम्नलिखित नाम गिनाये गये हैं- 1. नागार्जुन, 2. जड़भरत, 3. हरिश्चन्द्र, 4. सत्यनाथ, 5. भीमनाथ, 6. गोरक्षनाथ, 7. चर्पट, 8. जलन्धर, 9. मलयार्जुन।

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नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक गोरखनाथ थे। नाथ सम्प्रदाय के आराध्य शिव है। यह ‘हठ योग’ की साधना पद्धति पर आधारित है। कुछ विद्वान नाथ सम्प्रदाय का संस्थापक मछन्दर/मत्स्येन्द्र नाथ को मानते हैं। नाथ पंथ बौद्धों की वङ्कायान शाखा से निकला हुआ माना जाता है। नार्थों की संख्या नौ मानी गई है। ‘गोरक्ष सिद्धान्त संग्रह’ में नव प्रवर्तकों के निम्नलिखित नाम गिनाये गये हैं- 1. नागार्जुन, 2. जड़भरत, 3. हरिश्चन्द्र, 4. सत्यनाथ, 5. भीमनाथ, 6. गोरक्षनाथ, 7. चर्पट, 8. जलन्धर, 9. मलयार्जुन।