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Q: `नूतन ब्रह्मचारी' कृति के लेखक हैं –
  • A. श्रीनिवासदास
  • B. बालमुकुन्द गुप्त
  • C. किशोरीलाल गोस्वामी
  • D. बालकृष्ण भट्ट
Correct Answer: Option D - भारतेन्दु युग के प्रमुख लेखक बालकृष्ण भट्ट ने 1886 में `नूतन ब्रह्मचारी', 1879 में `रहस्य कथा' तथा 1892 में `एक अजान सौ सुजान' नामक उपन्यासों की रचना की। लाला श्रीनिवास दास ने `परीक्षागुरु' नामक उपन्यास की तथा किशोरीलाल गोस्वामी ने जिन्दे की लाश, तिलस्मी शीशमहल, लीलावती, याकूती तख्ती, प्रणयिनी परिणय, मस्तानी, सुखसर्वरी, प्रेममयी, लवंगलता, कुसुम कुमारी नामक नाटकों की रचना की।
D. भारतेन्दु युग के प्रमुख लेखक बालकृष्ण भट्ट ने 1886 में `नूतन ब्रह्मचारी', 1879 में `रहस्य कथा' तथा 1892 में `एक अजान सौ सुजान' नामक उपन्यासों की रचना की। लाला श्रीनिवास दास ने `परीक्षागुरु' नामक उपन्यास की तथा किशोरीलाल गोस्वामी ने जिन्दे की लाश, तिलस्मी शीशमहल, लीलावती, याकूती तख्ती, प्रणयिनी परिणय, मस्तानी, सुखसर्वरी, प्रेममयी, लवंगलता, कुसुम कुमारी नामक नाटकों की रचना की।

Explanations:

भारतेन्दु युग के प्रमुख लेखक बालकृष्ण भट्ट ने 1886 में `नूतन ब्रह्मचारी', 1879 में `रहस्य कथा' तथा 1892 में `एक अजान सौ सुजान' नामक उपन्यासों की रचना की। लाला श्रीनिवास दास ने `परीक्षागुरु' नामक उपन्यास की तथा किशोरीलाल गोस्वामी ने जिन्दे की लाश, तिलस्मी शीशमहल, लीलावती, याकूती तख्ती, प्रणयिनी परिणय, मस्तानी, सुखसर्वरी, प्रेममयी, लवंगलता, कुसुम कुमारी नामक नाटकों की रचना की।