Explanations:
नाटक में इतिवृत्त प्रसिद्ध होता है। नाटक की कथावस्तु को इतिवृत्त कहा जाता है यह इतिवृत्त दो प्रकार का होता है- 1- आधिकारिक 2- प्रासंगिक आचार्य विश्वनाथ ने भी इस प्रकार कहा है- इदं पुनर्वस्तु बुधैर्द्विविधं परिकल्प्यते। आधिकारिकमेकं स्यात्प्रासङ्गिकमथापरम्।।