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Q: नाटक के सन्दर्भ में भरतमुनि के अनुसार रसों की संख्या है
  • A. नौ
  • B. ग्यारह
  • C. दस
  • D. आठ
Correct Answer: Option D - व्याख्या : नाटक के सन्दर्भ में भरतमुनि के अनुसार रसों की संख्या आठ है। भरतमुति ने अपने ‘नाट्यशास्त्र’ में भावों की संख्या उनचास मानी है, जिनमें तैंतीस संचारी या व्यभिचारी, आठ सात्विक और शेष आठ स्थायी भाव है।
D. व्याख्या : नाटक के सन्दर्भ में भरतमुनि के अनुसार रसों की संख्या आठ है। भरतमुति ने अपने ‘नाट्यशास्त्र’ में भावों की संख्या उनचास मानी है, जिनमें तैंतीस संचारी या व्यभिचारी, आठ सात्विक और शेष आठ स्थायी भाव है।

Explanations:

व्याख्या : नाटक के सन्दर्भ में भरतमुनि के अनुसार रसों की संख्या आठ है। भरतमुति ने अपने ‘नाट्यशास्त्र’ में भावों की संख्या उनचास मानी है, जिनमें तैंतीस संचारी या व्यभिचारी, आठ सात्विक और शेष आठ स्थायी भाव है।