Correct Answer:
Option D - ‘नृ‘शब्द के प्रथमा विभक्ति में ना नरौ नर: रूप बनता है। यह ऋकारान्त पुँल्लिङ्ग शब्द है। इसका रूप सातों विभक्तियों में इस प्रकार है-
नृ (मनुष्य) पुँल्लिङ्ग
एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वि. ना नरौ नर:
द्वितिया वि. नरम् नरौ न¸¸न्
तृतीया वि. न्रा नृभ्याम् नृभि:
चतुर्थी वि. न्रे नृभ्याम् नृभ्य:
पञ्चमी वि. नु: नृभ्याम् नृभ्य:
षष्ठी वि. नु: न्रो: न¸णाम्
सप्तमी वि. नरि न्रो: नृषु
सम्बोधन हे ना! हे नरौ! हे नर:!
D. ‘नृ‘शब्द के प्रथमा विभक्ति में ना नरौ नर: रूप बनता है। यह ऋकारान्त पुँल्लिङ्ग शब्द है। इसका रूप सातों विभक्तियों में इस प्रकार है-
नृ (मनुष्य) पुँल्लिङ्ग
एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथमा वि. ना नरौ नर:
द्वितिया वि. नरम् नरौ न¸¸न्
तृतीया वि. न्रा नृभ्याम् नृभि:
चतुर्थी वि. न्रे नृभ्याम् नृभ्य:
पञ्चमी वि. नु: नृभ्याम् नृभ्य:
षष्ठी वि. नु: न्रो: न¸णाम्
सप्तमी वि. नरि न्रो: नृषु
सम्बोधन हे ना! हे नरौ! हे नर:!