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Q: ‘खड़ी बोली’ का पहला प्रयोग किसके द्वारा किया गया।
  • A. बलदेव उपाध्याय
  • B. लल्लू लाल
  • C. जॉन गिलक्रिस्ट
  • D. सुनीति कुमार चटर्जी
Correct Answer: Option B - खड़ी बोली’ का पहला प्रयोग ‘लल्लू लाल’ के द्वारा किया गया। खड़ी बोली गद्य को एक साथ आगे बढ़ाने वाले चार महानुभाव हुए हैं– 1. मुंशी सदासुखलाल 2. सैयद इंशा अल्ला खाँ 3. लल्लू लाल 4. सदल मिश्र। लल्लूलाल फोर्ट विलियम कॉलेज के प्राध्यापक थे। लल्लूलाल की खड़ी बोली गद्य में रचनाएँ इस प्रकार हैं– बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, सभाविलास इत्यादि।
B. खड़ी बोली’ का पहला प्रयोग ‘लल्लू लाल’ के द्वारा किया गया। खड़ी बोली गद्य को एक साथ आगे बढ़ाने वाले चार महानुभाव हुए हैं– 1. मुंशी सदासुखलाल 2. सैयद इंशा अल्ला खाँ 3. लल्लू लाल 4. सदल मिश्र। लल्लूलाल फोर्ट विलियम कॉलेज के प्राध्यापक थे। लल्लूलाल की खड़ी बोली गद्य में रचनाएँ इस प्रकार हैं– बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, सभाविलास इत्यादि।

Explanations:

खड़ी बोली’ का पहला प्रयोग ‘लल्लू लाल’ के द्वारा किया गया। खड़ी बोली गद्य को एक साथ आगे बढ़ाने वाले चार महानुभाव हुए हैं– 1. मुंशी सदासुखलाल 2. सैयद इंशा अल्ला खाँ 3. लल्लू लाल 4. सदल मिश्र। लल्लूलाल फोर्ट विलियम कॉलेज के प्राध्यापक थे। लल्लूलाल की खड़ी बोली गद्य में रचनाएँ इस प्रकार हैं– बैताल पच्चीसी, शकुन्तला नाटक, माधोनल, सभाविलास इत्यादि।