Correct Answer:
Option A - भक्षयन् इत्यस्मिन् क्रियापदे ‘शतृ’ इति प्रत्यय:।
अर्थात् ‘भक्षयन्’ नामक क्रियापद में ‘शतृ’ प्रत्यय है। ‘शतृ’ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं के लट् लकार के स्थान पर होता है ‘शतृ’ का ‘अत्’ शेष रहता है। पुल्लिङ्ग में पठत् के तुल्य स्त्रीलिङ्ग में ‘नदी’ के तुल्य और नपुंसकलिङ्ग में ‘जगत्’ के तुल्य रूप चलते हैं।
A. भक्षयन् इत्यस्मिन् क्रियापदे ‘शतृ’ इति प्रत्यय:।
अर्थात् ‘भक्षयन्’ नामक क्रियापद में ‘शतृ’ प्रत्यय है। ‘शतृ’ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं के लट् लकार के स्थान पर होता है ‘शतृ’ का ‘अत्’ शेष रहता है। पुल्लिङ्ग में पठत् के तुल्य स्त्रीलिङ्ग में ‘नदी’ के तुल्य और नपुंसकलिङ्ग में ‘जगत्’ के तुल्य रूप चलते हैं।