Correct Answer:
Option A - उपरिलिखितेषु ‘असौ’ न अव्यय:।
अर्थात् - उपरोक्त में से ‘असौ’ नामक पद अव्यय नहीं है। बल्कि यह असौ अदस् -वह (पुल्लिंग , स्त्रीलिङ्ग) प्रथमा विभक्ति एकवचन का रूप है। प्रश्न में वर्णित विना, अपि, और अन्येद्यु: शब्द में अव्यय है। अव्यय ऐसे शब्द को कहते हैं, जिसके रूप में कोई विकार न उत्पन्न हो, जो सदा एक-सा रहे। अर्थात् जो लिङ्ग, विभक्ति, वचन के अनुसार घटे-बढ़े नहीं, वही अव्यय है।
सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वासु च विभक्तिषु ।
वचनेषु च सर्वेषु यन्न व्येति तदव्ययम् ।।
A. उपरिलिखितेषु ‘असौ’ न अव्यय:।
अर्थात् - उपरोक्त में से ‘असौ’ नामक पद अव्यय नहीं है। बल्कि यह असौ अदस् -वह (पुल्लिंग , स्त्रीलिङ्ग) प्रथमा विभक्ति एकवचन का रूप है। प्रश्न में वर्णित विना, अपि, और अन्येद्यु: शब्द में अव्यय है। अव्यय ऐसे शब्द को कहते हैं, जिसके रूप में कोई विकार न उत्पन्न हो, जो सदा एक-सा रहे। अर्थात् जो लिङ्ग, विभक्ति, वचन के अनुसार घटे-बढ़े नहीं, वही अव्यय है।
सदृशं त्रिषु लिङ्गेषु सर्वासु च विभक्तिषु ।
वचनेषु च सर्वेषु यन्न व्येति तदव्ययम् ।।