Q: निर्देश: (प्रश्न 132-140) : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया, ‘‘सफाई वगैरह की।’’ गाँधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर अपने हस्ताक्षर करते थे। आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए गाँधीजी ने लिखा है, ‘‘कातने की गति का हिसाब लिखा जाए। मन में आए हुए विचार लिखे जाएँ। जो-जो पढ़ा हो, उसकी टिप्पणी लिखी जाए। वगैरह का उपयोग नहीं चाहिए। डायरी में ‘वगैरह’ शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है।’’ जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा। जो बातें हुई हों वे लिखी जाएँ। मनु ने अपनी गलती का अहसास किया और डायरी विधा की पवित्रता को समझा गाँधीजी ने पुन: मनु से कहा-‘‘डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है। यह इबादत करने जैसी विधा है। हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न हो। इससे हममें सच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी।’’ (गाँधीजी के रोचक संस्मरण) मनु को अपनी किस गलती का अहसास हुआ?
A.
उन्होंने गाँधीजी की बात नहीं मानी थी
B.
मनु ने डायरी में कातने की गति का हिसाब लिखा था
C.
उन्होंने डायरी में सही-सही बातें लिखी थीं
D.
उन्होंने डायरी में ‘वगैरह’ शब्द का प्रयोग किया था।
Correct Answer:
Option D - मनु को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब उसने अपनी डायरी में ``वगैरह'' शब्द का प्रयोग किया था।
D. मनु को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब उसने अपनी डायरी में ``वगैरह'' शब्द का प्रयोग किया था।
Explanations:
मनु को अपनी गलती का अहसास तब हुआ जब उसने अपनी डायरी में ``वगैरह'' शब्द का प्रयोग किया था।
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