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Q: _______ की कोशिकाएँ कोनों पर अनियमित रूप से मोटी होती हैं।
  • A. स्थूलकोण ऊतक (कॉलेनकाइमा)
  • B. मृदु ऊतक (पैरेनकाइमा)
  • C. दृढ़ ऊतक (स्लेरेंकाइमा)
  • D. वायूतक (एरेनकाइमा)
Correct Answer: Option A - पौधों में लचीलेपन का गुण स्थायी ऊतक, स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma tissue) के कारण होता है। यह पौधें के विभिन्न भागों में बिना टूटे हुए लचीलापन लाता है और यांत्रिक सहायता भी प्रदान करता है यह ऊतक एपिडर्मिस के नीचे पर्णवृत में पाया जाता है। इस ऊतक की कोशिकाएँ जीवित, लंबी और अनियमित ढंग से कोनों पर मोटी होती है और इनके सेलुलोज, हेमीसेलुलोज तथा पैक्टिन जमा होती है, इसलिए इनके कोने मोटे होते है।
A. पौधों में लचीलेपन का गुण स्थायी ऊतक, स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma tissue) के कारण होता है। यह पौधें के विभिन्न भागों में बिना टूटे हुए लचीलापन लाता है और यांत्रिक सहायता भी प्रदान करता है यह ऊतक एपिडर्मिस के नीचे पर्णवृत में पाया जाता है। इस ऊतक की कोशिकाएँ जीवित, लंबी और अनियमित ढंग से कोनों पर मोटी होती है और इनके सेलुलोज, हेमीसेलुलोज तथा पैक्टिन जमा होती है, इसलिए इनके कोने मोटे होते है।

Explanations:

पौधों में लचीलेपन का गुण स्थायी ऊतक, स्थूलकोण ऊतक (Collenchyma tissue) के कारण होता है। यह पौधें के विभिन्न भागों में बिना टूटे हुए लचीलापन लाता है और यांत्रिक सहायता भी प्रदान करता है यह ऊतक एपिडर्मिस के नीचे पर्णवृत में पाया जाता है। इस ऊतक की कोशिकाएँ जीवित, लंबी और अनियमित ढंग से कोनों पर मोटी होती है और इनके सेलुलोज, हेमीसेलुलोज तथा पैक्टिन जमा होती है, इसलिए इनके कोने मोटे होते है।