Correct Answer:
Option C - हमारे चेतन चित्त के विचारों और कार्यों को हमारे अवचेतन चित्त की शक्तिशाली सत्ता ही रूप देती है। वस्तुत: वैसे ही सोचने और समझने का हेतु हमारे अंजाम में हमारे ही अवचेतन चित्त में वर्तमान है और यह तो हम सोच रहे हैं समझ रहे हैं और सोच-समझकर कर रहे हैं। इन बातों का अभिमान करने वाला हमारा चेतन चित्त कितना नगण्य है।
C. हमारे चेतन चित्त के विचारों और कार्यों को हमारे अवचेतन चित्त की शक्तिशाली सत्ता ही रूप देती है। वस्तुत: वैसे ही सोचने और समझने का हेतु हमारे अंजाम में हमारे ही अवचेतन चित्त में वर्तमान है और यह तो हम सोच रहे हैं समझ रहे हैं और सोच-समझकर कर रहे हैं। इन बातों का अभिमान करने वाला हमारा चेतन चित्त कितना नगण्य है।