search
Q: निर्देश : नीचे दिए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्र.सं. 302 -309) के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। मेरे बड़े भाई साहब मुझसे पाँच साल बड़े थे, लेकिन केवल तीन दरजे आगे। उन्होंने भी उसी उम्र में पढ़ना शुरू किया था जब मैंने शुरू किया, लेकिन तालीम जैसे महत्व के मामले में वह जल्दबाजी से काम लेना पसंद न करते थे, इस भवन की बुनियाद खूब मजबूत डालना चाहते थे, जिस पर आलीशान महल बन सके। एक साल का काम दो साल में करते थे। कभी-कभी तीन साल भी लग जाते थे। बुनियाद की पुख्ता न हो तो मकान वैâसे पायदार बने। मैं छोटा था, वे बड़े थे। मेरी उम्र नौ साल की थी, वे चौदह साल के थे। उन्हें मेरी निगरानी का पूरा और जन्मसिद्ध अधिकार था और मेरी शालीनता इसी बात में थी कि उनके हुक्म को कानून समझूँ। वह स्वभाव के बड़े अध्ययनशील थे। हरदम किताब खोले बैठे रहते और शायद दिमाग को आराम देने के लिए कभी कॉपी पर, कभी किताब के हाशियों पर, चिड़ियाँ, कुत्तों, बिल्लियों की तस्वीरें बनाया करते थे। कभी-कभी एक ही नाम या शब्द या वाक्य दस-बीस बार लिख डालते। कभी एक शेर को बार-बार सुंदर अक्षरों में नकल करते। कभी ऐसी शब्द-रचना करते जिसमें न कोई अर्थ होता, न कोई सामंजस्य। जैसे एक बार उनकी कॉपी पर मैने इबारत देखी- स्पेशल, अमीना, भाइयों-भाइयों, भाई-भाई, श्रीयुत् राधेश्याम-इनके बाद आदमी का चेहरा बना हुआ था। मैंने बहुत चेष्टा की कि इस पहेली का कोई हल निकालूँ, लेकन असफल रहा और उनसे पूछने का साहस न हुआ। वे नवीं कक्षा में थे, मैं पाँचवी में। उनकी रचनाओं को समझना मेरे लिए छोटा मुँह और बड़ी बात थी। –मुंशी प्रेमचंद ‘तालीम’ शब्द है–
  • A. देशज
  • B. आगत
  • C. तत्सम
  • D. तद्भव
Correct Answer: Option B - तालीम आगत (विदेशज) शब्द है। देशज– अपने देश में ही उत्पन्न हुए शब्द को देशज कहते है जैसे- कटोरा, लाठी, खिड़की, पगड़ी, खिचड़ी आदि। तत्सम– संस्कृत से आये हुए शब्द तत्सम कहलाते जैसे- घृत, आम्र तद्भव– संस्कृत से आये हुए शब्द का विकृत रूप तद्भव कहलाता है जैसे- आम। आगत– आगत को विदेशज भी कहते हैं। विदेश से हुए शब्द आगत। विदेशज कहलाते हैं।
B. तालीम आगत (विदेशज) शब्द है। देशज– अपने देश में ही उत्पन्न हुए शब्द को देशज कहते है जैसे- कटोरा, लाठी, खिड़की, पगड़ी, खिचड़ी आदि। तत्सम– संस्कृत से आये हुए शब्द तत्सम कहलाते जैसे- घृत, आम्र तद्भव– संस्कृत से आये हुए शब्द का विकृत रूप तद्भव कहलाता है जैसे- आम। आगत– आगत को विदेशज भी कहते हैं। विदेश से हुए शब्द आगत। विदेशज कहलाते हैं।

Explanations:

तालीम आगत (विदेशज) शब्द है। देशज– अपने देश में ही उत्पन्न हुए शब्द को देशज कहते है जैसे- कटोरा, लाठी, खिड़की, पगड़ी, खिचड़ी आदि। तत्सम– संस्कृत से आये हुए शब्द तत्सम कहलाते जैसे- घृत, आम्र तद्भव– संस्कृत से आये हुए शब्द का विकृत रूप तद्भव कहलाता है जैसे- आम। आगत– आगत को विदेशज भी कहते हैं। विदेश से हुए शब्द आगत। विदेशज कहलाते हैं।