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Q: निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 204 से 210) के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। बारिश के लिहा़ज से वह साल ठन-ठन गोपाल था। खेतों में जैसे-तैसे धान रोप दिया गया था लेकिन तेज धूप ने उसे झुलसा डाला था। सावन सिर पर था और बादल लापता। कि तभी एक उमसती हुई रात में बिजली कड़कने से नींद खुली। थोड़ी देर में झीसियाँ पड़ने लगी। चारपाइयाँ आँगन से उठाकर भीतर कर ली गई। लेकिन हवा गुम थी और गर्मी ज्यों-की-त्यों, लिहाजा वह रात रतजगे में ही गई। सुबह हुई तो लोग धान बच जाने को लेकर ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते दिखे। बरसात रात वाली रफ्तार से ही जारी थी। न उससे धीमी, न तेज। आसमान समतल और तकरीबन सफेद था। बादल बीच-बीच में जरा-सा गुर्राकर खामोश हो जा रहे थे। स्कूल का टाइम हुआ तो हम जैसे ढीलों ने इकतरफा तौर पर ‘रेनी डे’ मनाने का फैसला किया, जबकि पढ़ाकुओं ने बस्ता लादा और सुपरिचित रास्ते पर बढ़ चले। थके-हारे पढ़वैये शाम को लौटे तो उनकी हालत कटे खेत में पानी भरने पर भागे चूहों जैसी थी। बारिश से बुरी तरह ऊबकर हम सोए, इस उम्मीद में किस कल नीला आकाश देखने को मिलेगा। ‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है–
  • A. बहुत बारिश हुई थी
  • B. अकाल के कारण पैसा नहीं था
  • C. पढ़ाई नहीं कर पाए थे
  • D. बारिश नहीं हुई थी
Correct Answer: Option D - ‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है कि बारिश नहीं हुई थी।
D. ‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है कि बारिश नहीं हुई थी।

Explanations:

‘‘बारिश के लिहाज से वह साल ठन-ठन गोपाल था।’’ वाक्य का भाव है कि बारिश नहीं हुई थी।