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Q: निर्देश : नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों (प्रश्न सं. 31 से 36) के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। है अनिश्चित किस जगह पर, सरित गिरि गह्वर मिलेंगे है अनिश्चित किस जगह पर बाग वन सुंदर मिलेंगे। किस जगह यात्रा खत्म हो जाएगी यह भी अनिश्चित है अनिश्चित कब सुमन कब कंटकों के शर मिलेंगे। कौन सहसा छू जाएँगे मिलेंगे कौन सहसा आ पड़े कुछ भी रुकेगा तू न ऐसी आन कर ले। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। इस जीवन-यात्रा में-
  • A. कुछ भी निश्चित नहीं है
  • B. सब कुछ निश्चित है
  • C. सब ओर मुश्किलें हैं
  • D. सब ओर सुख है
Correct Answer: Option A - इस विराट जीवन यात्रा में कुछ भी निश्चित नहीं है। जीवन के किस मोड़ पर वैâसी परिस्थितियाँ आ जायें, इसके लिए तैयार रहते हुए कविता में सार्थक जीवन निर्माण पर बल दिया गया है।
A. इस विराट जीवन यात्रा में कुछ भी निश्चित नहीं है। जीवन के किस मोड़ पर वैâसी परिस्थितियाँ आ जायें, इसके लिए तैयार रहते हुए कविता में सार्थक जीवन निर्माण पर बल दिया गया है।

Explanations:

इस विराट जीवन यात्रा में कुछ भी निश्चित नहीं है। जीवन के किस मोड़ पर वैâसी परिस्थितियाँ आ जायें, इसके लिए तैयार रहते हुए कविता में सार्थक जीवन निर्माण पर बल दिया गया है।