search
Q: निर्देश : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्रं.सं. 228 से 236) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। गाँधी जी मानते थे कि सामाजिक या सामूहिक जीवन की ओर बढ़ने से पहले कौटुम्बिक जीवन का अनुभव प्राप्त करना आवश्यक है। इसलिए वे आश्रम-जीवन बिताते थे। वहाँ सभी एक भोजनालय में भोजन करते थे। इससे समय और धन तो बचता ही था, सामूहिक जीवन का अभ्यास भी होता था। लेकिन यह सब होना चाहिए, समय-पालन, सुव्यवस्था और शुचिता के साथ। इस ओर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए गाँधीजी स्वयं भी सामूहिक रसोईघर में भोजन करते थे। भोजन के समय दो बार घंटी बजती थी। जो दूसरी घंटी बजने तक भोजनालय में नहीं पहुॅच पाता था, उसे दूसरी घंटे बजते ही रसोईघर का द्वारा बंद कर दिया जाता था, जिससे बाद में आने वाले व्यक्ति अंदर न आने पाएँ। एक दिन गाँधीजी पिछड़ गए। संयोग से उस दिन आश्रमवासी श्री हरिभाऊ उपाध्याय भी पिछड़ गए। जब वे वहाँ पहुँचे तो देखा कि बापू बरामदे में खड़े हैं। बैठने के लिए न बैंच है, न कुर्सी। हरिभाऊ ने विनोद करते हुए कहा, ‘‘बापूजी आज तो आप भी गुनहगारों के कठघरे में आ गए हैं।’’ गाँधीजी खिलखिलाकर हँस पड़े। बोले, ‘‘कानून के सामने तो सब बराबर होते हैं न?’’ हरिभाऊ जी ने कहा, ‘‘बैठने के लिए कुर्सी लाऊँ, बापू?’’ गाँधीजी बोले, ‘‘नहीं, उसकी जरूरत नहीं है। सजा पूरी भुगतनी चाहिए। उसी से सच्चा आनंद है।’’ (स्रोत : गाँधीजी के रोचक संस्मरण –डॉ. कृष्णवीर सिंह) ‘रसोईघर’ शब्द है–
  • A. यौगिक
  • B. तत्सम
  • C. रूढ़
  • D. योगरूढ़
Correct Answer: Option A - ‘रसोईघर’ शब्द यौगिक शब्द है। रचना के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं– (i) रूढ़, (ii) यौगिक, (iii) योगरूढ़। ऐसे शब्द जिनके सार्थक खण्ड न किये जा सकें, जैसे- कल, पर, पेड, कलम इत्यादि रूढ़ शब्द है। ऐसे शब्द जिनका खण्ड करने पर उस खण्ड का सार्थक अर्थ प्राप्त हो, यौगिक कहलाते हैं, जैसे-देवालय, राजपुरुष, मदिरालाय, विद्यार्थी इत्यादि। शब्द जो यौगिक तो हों पर सामान्य अर्थ के स्थान पर विशेष अर्थ को प्रकट करते हों, उन्हें यौगिक शब्द कहते है। जैसे- पंकज, दशानन, लम्बोदर आदि।
A. ‘रसोईघर’ शब्द यौगिक शब्द है। रचना के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं– (i) रूढ़, (ii) यौगिक, (iii) योगरूढ़। ऐसे शब्द जिनके सार्थक खण्ड न किये जा सकें, जैसे- कल, पर, पेड, कलम इत्यादि रूढ़ शब्द है। ऐसे शब्द जिनका खण्ड करने पर उस खण्ड का सार्थक अर्थ प्राप्त हो, यौगिक कहलाते हैं, जैसे-देवालय, राजपुरुष, मदिरालाय, विद्यार्थी इत्यादि। शब्द जो यौगिक तो हों पर सामान्य अर्थ के स्थान पर विशेष अर्थ को प्रकट करते हों, उन्हें यौगिक शब्द कहते है। जैसे- पंकज, दशानन, लम्बोदर आदि।

Explanations:

‘रसोईघर’ शब्द यौगिक शब्द है। रचना के आधार पर शब्द तीन प्रकार के होते हैं– (i) रूढ़, (ii) यौगिक, (iii) योगरूढ़। ऐसे शब्द जिनके सार्थक खण्ड न किये जा सकें, जैसे- कल, पर, पेड, कलम इत्यादि रूढ़ शब्द है। ऐसे शब्द जिनका खण्ड करने पर उस खण्ड का सार्थक अर्थ प्राप्त हो, यौगिक कहलाते हैं, जैसे-देवालय, राजपुरुष, मदिरालाय, विद्यार्थी इत्यादि। शब्द जो यौगिक तो हों पर सामान्य अर्थ के स्थान पर विशेष अर्थ को प्रकट करते हों, उन्हें यौगिक शब्द कहते है। जैसे- पंकज, दशानन, लम्बोदर आदि।