Correct Answer:
Option D - ‘ऋणमुक्त’ शब्द में अपादान तत्पुरुष समास है। ‘ऋणमुक्त का समास विग्रह है- ऋण से मुक्त। जहाँ पूर्व एवं उत्तर पद के योग से पृथकता के भाव का बोध हो वहाँ अपादान तत्पुरुष, समास होता है। इसके अन्य उदाहरण हैं- धनहीन, बुुद्धिहीन, पदच्युत, पदमुक्त, व्ययमुक्त, जातिभ्रष्ट, बलहीन, धर्मविमुख, देशनिकाला, ईश्वरविमुख इत्यादि।
D. ‘ऋणमुक्त’ शब्द में अपादान तत्पुरुष समास है। ‘ऋणमुक्त का समास विग्रह है- ऋण से मुक्त। जहाँ पूर्व एवं उत्तर पद के योग से पृथकता के भाव का बोध हो वहाँ अपादान तत्पुरुष, समास होता है। इसके अन्य उदाहरण हैं- धनहीन, बुुद्धिहीन, पदच्युत, पदमुक्त, व्ययमुक्त, जातिभ्रष्ट, बलहीन, धर्मविमुख, देशनिकाला, ईश्वरविमुख इत्यादि।