Q: निर्देश : गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों (प्र. सं. 168 से 176) में सबसे उचित विकल्प चुनिए। गुलजार जी, क्या लिखते समय पाठ आपके चिंतन में होते है? देखिए, जब मैं लिखता हूँ, मेरे जेहन में मैं होता हूँ। मैं पहले यही तय करता हूँ। बात मुझे अपनी कहनी होती है। पाठक को सामने रखकर लिखने का कोई मतलब नहीं होता। दूसरी महत्वपूर्ण बात मैं महसूस करता हूँ वह है कम्युनिकेशन...अपनी बात को पाठक तक पहुँचाना,.... आर्ट ऑफ कम्युनिकेशन....हाँ मैं अपने लेखन को इस कसौटी पर रखता हूँ। मीडिया से जुड़े होने के कारण कहने के तरीके को लेकर मैं सोचता अवश्य हूँ विषय मेरे होते हैं, मेरी बात सही है या नहीं। आप अपनी ग्रोथ के साथ एक अहाता बनाते चलते हैं। हर फाइन आर्ट लोगों तक पहुँचनी ही चाहिए। संगीत हो, कला हो, या लेखन हो वो अपने लक्ष्य तक पहुुँचनी चाहिए, कहने का ऐसा तरीका तो होना ही चाहिए।गुलजार लिखने से पहले क्या तय करते हैं।
A.
क्या कहना है
B.
कैसे कहना है
C.
क्यों कहना है
D.
किसके लिए कहना है
Correct Answer:
Option A - गुलजार लिखने से पूर्व यह निश्चित करते हैं कि उन्हें क्या कहना है? अर्थात् लेखन का विषय क्या होगा?
A. गुलजार लिखने से पूर्व यह निश्चित करते हैं कि उन्हें क्या कहना है? अर्थात् लेखन का विषय क्या होगा?
Explanations:
गुलजार लिखने से पूर्व यह निश्चित करते हैं कि उन्हें क्या कहना है? अर्थात् लेखन का विषय क्या होगा?
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