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Q: निर्देश: अधोलिखितं श्लोकम् पठित्वा तदाधारितप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 243-248 विकल्पात्मकोत्तरेषु समुचितम् उत्तरं चित्वा लिखत। येषां न विद्या न तपो न दानं, ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्म:। ते मर्त्यलोके भुवि भारभूता:, मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति।। ‘भूत’ इति पदे प्रत्यय: अस्ति
  • A. क्त
  • B. प्रत्यय
  • C. क्तवतु
  • D. क्त
Correct Answer: Option A - ‘भूत’ पद में क्त प्रत्यय है। प्रत्यय का आशय उन वर्णों या समूहों से है जो शब्दों के तुरन्त बाद प्रयुक्त हों एवं उसके अर्थो में नवीनता एवं विशेषण का संवर्धन करते हों। प्रत्यय उपसर्गों की भाँति अविकारी शब्दांश है जो शब्दों के बाद जोड़े जाते हैं।
A. ‘भूत’ पद में क्त प्रत्यय है। प्रत्यय का आशय उन वर्णों या समूहों से है जो शब्दों के तुरन्त बाद प्रयुक्त हों एवं उसके अर्थो में नवीनता एवं विशेषण का संवर्धन करते हों। प्रत्यय उपसर्गों की भाँति अविकारी शब्दांश है जो शब्दों के बाद जोड़े जाते हैं।

Explanations:

‘भूत’ पद में क्त प्रत्यय है। प्रत्यय का आशय उन वर्णों या समूहों से है जो शब्दों के तुरन्त बाद प्रयुक्त हों एवं उसके अर्थो में नवीनता एवं विशेषण का संवर्धन करते हों। प्रत्यय उपसर्गों की भाँति अविकारी शब्दांश है जो शब्दों के बाद जोड़े जाते हैं।